बहुत ज़्यादा गर्मी सभी के लिए मुश्किल होती है, लेकिन बुज़ुर्गों को ज़्यादा परेशानी होती है।
बुज़ुर्गों को गर्मी में दिक्कत क्यों होती है?
- पसीना कम आता है
- प्यास देर से लगती है
- बीमारियाँ होती हैं (जैसे दिल, फेफड़े, डायबिटीज) की बीमारिया
- कुछ दवाइयाँ भी गर्मी में असर डालती हैं
गर्मी से होने वाली 4 बीमारियाँ
- घमौरियां – लाल दाने हो जाना
- क्रैम्प – मांसपेशियों में खिंचाव आना
- थकान (Heat exhaustion) – पसीना, चक्कर, कमजोरी होना
- हीट स्ट्रोक – तेज बुखार, बेहोशी (इमरजेंसी) हो जाना
अगर गर्मी लगे तो क्या करें?
- ठंडी जगह जाएं
- पानी पिएं
- ढीले कपड़े पहनें
- शरीर पर ठंडा पानी डालें
- ज़्यादा परेशानी हो तो डॉक्टर को दिखाएं ताकि आपको आराम मिल सके
गर्मी से बचने के आसान टिप्स
हल्के और ढीले कपड़े पहनें ताकि आपको गर्मी ना लगे
मौसम की जानकारी रखें
ए.सी. वाली जगह पर कुछ समय बिताएं
पंखे और ठंडे कपड़ों का सही इस्तेमाल करें
दवाइयाँ और गर्मी
कुछ दवाइयाँ शरीर को ठंडा नहीं होने देतीं तोह उसको भी ध्यान में रखे और
डॉक्टर से पूछें कि आपकी दवाइयाँ गर्मी में असर करती हैं या नहीं।
दिल, फेफड़े और किडनी की बीमारी हो तो…
- ज़्यादा मेहनत वाला काम करने से बचे
- ठंडी जगह पर रहें
- थोड़ा थोड़ा पानी पिएं (डॉक्टर की सलाह से)
- हवा की रिपोर्ट देखें और इनहेलर पास रखें
- पेशाब कम आना या मुंह सूखना जो पानी की कमी बताती हैं तोह तुरंत ही डॉक्टर से संपर्क करें
याद रखें:
डॉक्टर से मिलें और गर्मी से बचने का प्लान बनाएं।
बुज़ुर्गों का ध्यान रखें, ताकि वे गर्मियों में भी सुरक्षित और स्वस्थ रहें।