हमारे घर के बड़े-बुजुर्ग हमेशा यही सलाह देते हैं कि दिन की शुरुआत सकारात्मकता के साथ करनी चाहिए। एक अच्छी शुरुआत न केवल पूरे दिन को ऊर्जावान बनाती है, बल्कि मानसिक और आत्मिक संतुलन भी बनाए रखती है। यही कारण है कि कई लोग सुबह-सुबह ध्यान, मंत्र जाप या भगवान के भजन सुनना पसंद करते हैं।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि शास्त्रों में एक ऐसा विशेष मंत्र बताया गया है, जिसे सुबह उठते ही हथेलियों को देखते हुए बोलना अत्यंत शुभ माना जाता है? माना जाता है कि इस सरल-से उपाय से न केवल दिन शुभ होता है, बल्कि जीवन में समृद्धि और सुख-शांति भी आती है।
✨ सुबह उठते ही करें ‘कर दर्शन मंत्र‘ का जाप
हिंदू शास्त्रों के अनुसार, जैसे ही आप सुबह नींद से जागें, अपनी दोनों हथेलियों को जोड़कर उन्हें देखें। ऐसा करने से हम उन दिव्य शक्तियों को नमन करते हैं जिनका वास हमारी हथेलियों में माना गया है।
📿 कर दर्शन मंत्र:
कराग्रे वसते लक्ष्मीः करमध्ये सरस्वती।
करमूले तु गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम्॥
इस मंत्र के अनुसार:
- हथेली के अग्रभाग में मां लक्ष्मी (धन की देवी) का वास होता है।
- मध्य भाग में सरस्वती (विद्या की देवी) निवास करती हैं।
- हथेली के मूल भाग में भगवान विष्णु का स्थान माना गया है।
👉 इस मंत्र का जाप करने के बाद, अपनी हथेलियों को चेहरे पर धीरे-धीरे फेरें। इससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह पूरे शरीर में होता है।
🌍 धरती माता को नमन करने का मंत्र (पादस्पर्श मंत्र)
हथेली दर्शन के बाद, ज़मीन पर पैर रखने से पहले एक और मंत्र का जाप करें, जो धरती माता को सम्मान देने के लिए है।
📿 पादस्पर्श मंत्र:
समुद्रवसने देवि पर्वतस्तनमण्डिते।
विष्णुपत्नि नमस्तुभ्यं पादस्पर्शं क्षमस्व मे॥
🙏 इस श्लोक के माध्यम से हम पृथ्वी माता से क्षमा मांगते हैं कि हम उन्हें अपने पांवों से स्पर्श करने जा रहे हैं।
✅ इस छोटे से नियम का बड़ा लाभ:
- मानसिक शांति
- दिनभर सकारात्मक ऊर्जा
- आर्थिक वृद्धि में सहायक
- आध्यात्मिक बल में वृद्धि
- आत्मविश्वास में सुधार
निष्कर्ष:
हर सुबह ये दो छोटे लेकिन अत्यंत प्रभावशाली मंत्र बोलकर न केवल आप अपने दिन की सकारात्मक शुरुआत कर सकते हैं, बल्कि धीरे-धीरे जीवन में धन, बुद्धि और संतुलन की वृद्धि भी अनुभव करेंगे।