कहानी की शुरुआत: जब धरती नई नई बनी थी
देवता: सूर्य और उनकी पत्नी संज्ञा
जब यम और यमी जन्मे
बहुत समय पहले, जब धरती नई थी, तब भगवान सूर्य और उनकी पत्नी संज्ञा के दो जुड़वां बच्चे हुए।
बेटे का नाम था – यम
बेटी का नाम था – यमी
यम बहुत शांत और समझदार था। वह इंसानों के अच्छे बुरे कामों का हिसाब रखने वाला देवता बना।
यमी बहुत चंचल और खुशमिजाज थी, जैसे कोई बहती नदी और आगे चलकर वह यमुना नदी बन गयी।
यमी को अपने भाई यम से प्यार हो गया था
जब धरती पर कोई इंसान नहीं था, तब यमी को ऐसा लगा कि वह अपने भाई यम से बहुत प्यार करती है।
वो चाहती थी कि वे दोनों शादी करें और धरती पर नए जीवन की शुरुआत कर सकती है।
“हम दोनों मिलकर दुनिया को सुंदर बना सकते हैं,” ऐसा यमी की सोच थी।
यमी ने यम को शादी का प्रस्ताव दिया
एक दिन यमी ने हिम्मत करके यम से कहा –
“भाई, अगर हम दोनों जीवनसाथी बन जाएं, तो हम प्यार और जीवन से भरी एक नई दुनिया बना सकते हैं।”
उसे लगा कि यम मान जाएगा।
लेकिन यम ने इनकार कर दिया
यम चौंक गया।
उसने कहा, “यमी, हम भाई बहन हैं। हमारा रिश्ता पवित्र है। लेकिन हम शादी नहीं कर सकते। ये धर्मो के खिलाफ है।”
यम ने यमी का दिल नहीं तोड़ा, लेकिन सच्चाई से भी नहीं हटे।
यमी रोती रही, समझाने की कोशिश करती रही
यमी ने कहा – “हमारे बच्चे धरती को सुंदर बना सकते हैं।”
लेकिन यम अपने धर्म पर अडिग रहा।
यमी बहुत रोई पर उसका भाई यम नहीं माना।
यमी के आंसू बने यमुना नदी
जब यमी को यकीन हो गया कि यम कभी नहीं मानेगा, तो उसके आंसू जमीन पर गिरने लगे।
वो आंसू पवित्र यमुना नदी बन गए।
यमी ने कहा – “अगर तुम मेरा प्यार नहीं समझ सकते, तो मैं यमुना बनकर इस धरती को प्यार दूंगी और तभी से शुरुआत हुई यमुना नदी की।”
यम बना धर्मराज, यमी बनी यमुना
यम ने यमी के बलिदान को देखा और कहा –
“मैं अब धर्मराज बनूंगा। मैं इंसानों को सही रास्ता दिखाऊंगा।”
यमी ने धरती को जीवन दिया और यम ने धर्म का रास्ता अपनाया और यहाँ आकर ये कहानी खत्म होती है ।
हमें इस कहानी से क्या सीख मिलती है?
- भाई बहन का रिश्ता बहुत पवित्र होता है।
- धर्म और सही रास्ता हमेशा जरूरी होता है।
- प्यार केवल पाने का नाम नहीं, त्याग भी होता है इसलिए कभी कभी प्यार में खुद को त्यागना भी पढ़ सकता है और इससे ही प्यार की सही भाषा कहते हैं।
अगर आपको ये कहानी अच्छी लगी, तो इसे दोस्तों के साथ शेयर करें और यम-यमी जैसे पौराणिक किरदारों से कुछ सीखें।