क्या आप जानते हैं कि भारत में एक ऐसा मंदिर है जहाँ गणेश जी पानी से भरे कुएं में रहते हैं और उनकी मूर्ति हर दिन थोड़ी थोड़ी बड़ी होती जाती है? चलिए आपको इस अनोखे मंदिर के बारे में बताते हैं जिसका नाम वरसिद्धि विनायक मंदिर है।
कुएं में बैठे हैं गणपति जी वरसिद्धि विनायक मंदिर में
कनिपकम गांव में एक बहुत पुराना मंदिर है जिसे वरसिद्धि विनायक मंदिर कहते हैं। यहाँ गणेश जी की मूर्ति कुएं में बैठी हुई है। यह मूर्ति पानी से घिरी रहती है और हर दिन थोड़ी सी बड़ी हो जाती है।
तीन भाई और चमत्कार की कहानी
बहुत समय पहले की बात है, तीन भाई थे —
एक अंधा था,
दूसरा बहरा और
तीसरा गूंगा था ।
वे खेत में काम कर रहे थे और पानी निकालने के लिए कुआं खोद रहे थे। तभी उनका फावड़ा किसी चीज से टकराया और वहां से खून निकलने लगा।
उस पल, तीनों भाई चमत्कारी रूप से ठीक हो गए! फिर गांववालों ने देखा कि कुएं में गणेश जी की मूर्ति है। लोगों ने मूर्ति को निकालने की कोशिश की, लेकिन नीचे का हिस्सा नहीं मिला। तब से वही मूर्ति कुएं में ही विराजमान है।
गणेश जी और चांदी का कवच
यह माना जाता है कि गणेश जी की यह मूर्ति हर दिन प्रति दिन बड़ी होती जा रही है। पहले लोगों ने मूर्ति पर चांदी का कवच (ढाल) चढ़ाया था। अब वह कवच छोटा पड़ गया है! इसका मतलब मूर्ति सच में बड़ी हो रही है।
आज भी इस मूर्ति का पेट और घुटने ही पानी से ऊपर दिखते हैं।
जल के देवता गणपति
इस मंदिर को पानी का मंदिर भी कहा जाता है। यहां का नाम “कनिपकम” भी दो शब्दों से बना है:
कनि – मतलब गीली जमीन
पकम – मतलब पानी का बहाव
यहां का पानी बहुत पवित्र माना जाता है। लोग इसे पीते हैं और मानते हैं कि इससे शरीर और मन के रोग दूर होते हैं।
पाप से मुक्ति का नियम
जो लोग अपने किए हुए गलत कामों (पापों) से छुटकारा चाहते हैं, उन्हें पहले पास की नदी में स्नान करना पड़ता है और वादा करना होता है कि वो दोबारा ऐसा नहीं करेंगे।
फिर जब वे मंदिर में गणपति बाप्पा के दर्शन करते हैं, तो माना जाता है कि उनके पाप माफ हो जाते हैं।
21 दिन का बड़ा त्योहार
यहां हर साल 21 दिन का ब्रह्मोत्सव होता है। यह पर्व गणेश चतुर्थी से शुरू होता है।
इन दिनों में भगवान को सुंदर-सुंदर वाहनों पर सवारी कराई जाती है, और हज़ारों लोग दर्शन करने आते हैं।
कैसे पहुंचें मंदिर वरसिद्धि विनायक मंदिर तक?
पास का रेलवे स्टेशन: चित्तूर
पास का एयरपोर्ट: तिरुपति
तिरुपति और वेल्लोर से बसें भी चलती हैं
नम: गणपतये!
अगर आप कभी दक्षिण भारत जाएं, तो कनिपकम के इस अद्भुत मंदिर में जरूर दर्शन करें।
गणेश जी वहां सच में जल के देवता की तरह विराजते हैं — और उनका चमत्कार आज भी जारी है।