नई कंपनी की घोषणा
रिलायंस इंडस्ट्रीज़ की 48वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM 2025) में मुकेश अंबानी ने कहा कि टेलीकॉम,
रिटेल और एनर्जी के साथ अब रिलायंस एआई (AI) सेक्टर में भी काम करेगा।
इस नई कंपनी का उद्देश्य भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी में आगे ले जाना और लोगों की ज़िंदगी को आसान बनाना है।
गूगल और मेटा के साथ साझेदारी
इस नई कंपनी के लिए रिलायंस ने बड़ी टेक कंपनियों गूगल और मेटा (Facebook की पेरेंट कंपनी) के साथ साझेदारी की है।
- गूगल और रिलायंस मिलकर Gemini AI Model का उपयोग रिलायंस के बिज़नेस में करेंगे।
- दोनों कंपनियां साथ मिलकर जामनगर में ग्रीन एनर्जी से चलने वाला क्लाउड रीजन बनाएंगी।
- गूगल और रिलायंस मिलकर AI फोन और XR (Extended Reality) डिवाइस तैयार करेंगे।
इसके अलावा, रिलायंस और मेटा मिलकर एक नया जॉइंट वेंचर शुरू करेंगे। इसके जरिए भारत के बिज़नेस और सरकारी संस्थानों को एक सुरक्षित AI प्लेटफॉर्म मिलेगा।
मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि भारत के लोग आसानी से AI और एडवांस्ड सुपरइंटेलिजेंस का इस्तेमाल कर पाएंगे
रिलायंस इंटेलिजेंस के चार बड़े मिशन
1. जामनगर में गीगावॉट स्तर का AI-रेडी डेटा सेंटर बनाना।
2. वैश्विक टेक कंपनियों और ओपन-सोर्स कम्युनिटी के साथ साझेदारी करना।
3. शिक्षा, हेल्थकेयर, कृषि और छोटे कारोबारों में AI का उपयोग करना।
4. भारत में विश्व-स्तरीय AI टैलेंट को आकर्षित करना ताकि विशेषज्ञ यहीं काम करे
एआई = नई कामधेनु
AGM में मुकेश अंबानी ने कहा:
“AI हमारे युग की कामधेनु है।”
जैसे प्राचीन समय में कामधेनु हर इच्छा पूरी करती थी, वैसे ही AI आज लोगों की समस्याओं को हल करने में मदद करेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह जियो ने हर भारतीय को डिजिटल क्रांति से जोड़ा, उसी तरह अब रिलायंस इंटेलिजेंस हर भारतीय तक AI पहुँचाएगा।
लोगों को कैसे होगा फायदा?
- छात्रों को पढ़ाई के लिए स्मार्ट टूल्स मिलेंगे।
- किसानों को आधुनिक खेती की तकनीक मिलेगी।
- छोटे कारोबारों को AI की मदद से तेज़ी से बढ़ने का मौका मिलेगा।
- अस्पताल और हेल्थकेयर सेवाएँ और उन्नत व प्रभावी होंगी।
निष्कर्ष
रिलायंस इंटेलिजेंस का लक्ष्य भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का हब बनाना है।
गूगल और मेटा जैसी ग्लोबल कंपनियों के साथ मिलकर यह भारत को टेक्नोलॉजी की दुनिया में नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास करेगा।