रक्षाबंधन-भाई बहन का पवित्र त्योहार
रक्षाबंधन भाई और बहन के प्यार और भरोसे का त्योहार होता है।
यह जब भी मनाया जाता है हर साल सावन महीने की पूर्णिमा को मनाया जाता है।
यह त्योहार भाई बहन के रिश्ते को और मजबूत बनाता है।
बहन इस दिन भाई को याद करती है, चाहे वह कितना ही दूर क्यों न हो।
राखी बांधने की परंपरा
इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है।
वह उसके सुखी और लंबी उम्र की कामना करती है।
राखी बांधते समय बहन तीन गांठ लगाई जाती है।
इनका संबंध त्रिदेव- ब्रह्मा, विष्णु और शिव से माना जाता है।
राखी बांधने के बाद भाई बहन को उपहार देता है और मिठाई भी खिलाता है।
रक्षा का वचन
हिंदू धर्म में इसे कर्तव्य और बहुत महतवपूर्ण त्योहार माना जाता हैं।
इस दिन भाई अपनी बहन को जीवनभर उसकी रक्षा करने का वचन भी देता है।
वह अपनी बहन की खुशियों और सुरक्षा का ध्यान रखने का वादा करता है।
यह वचन सिर्फ शब्दों में नहीं, बल्कि पूरे जीवन निभाया जाता है।
भारत ही नहीं, दुनिया में भी
रक्षाबंधन केवल भारत में ही नहीं, बल्कि बहुत से देशों में भी धूमधाम से मनाया जाता है।
विदेश में रहने वाले भारतीय भी अपने भाई बहन के साथ ऑनलाइन या डाक से राखी भेजकर यह त्योहार मनाते हैं।
यह त्योहार दूरी को कम करता है और रिश्तों में मिठास बढ़ाने में भी मदद करता है।
रक्षाबंधन 2025 की तारीख और समय जानिए।
- पूर्णिमा तिथि शुरू: 8 अगस्त 2025, दोपहर 2:12 बजे से
- पूर्णिमा तिथि खत्म: 9 अगस्त 2025, दोपहर 1:21 बजे तक
- त्योहार की तारीख: 9 अगस्त 2025 (उदया तिथि के अनुसार बताई गयी है)
भद्रा का समय – इस बार कोई चिंता की जरूरत नहीं
भद्रा 8 अगस्त 2025 को दोपहर 2:12 बजे से शुरू होगी।
यह 9 अगस्त सुबह 1:52 बजे समाप्त हो जाएगी।
इस दिन सूर्योदय सुबह 5:47 बजे होगा।
यानि इस बार राखी के समय कोई भद्रा का साया नहीं रहेगा।
आप पूरे दिन आराम से राखी बांध सकते हैं और अपना त्योहार अच्छे से मना सकते हैं।