Palm Oil Side Effects in Hindi: बच्चों से बड़ों तक सभी की सेहत के लिए खतरा? जानें सच

आजकल मार्केट में मिलने वाले ज़्यादातर पैक्ड फूड प्रोडक्ट्स जैसे – चिप्स, बिस्किट, केक, इंस्टेंट नूडल्स, ब्रेड और नमकीन – इन सबमें सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाला तेल है पाम ऑयल (Palm Oil)। यह तेल दिखने में बिल्कुल सामान्य लगता है और खाने का स्वाद भी ठीक रखता है, लेकिन इसके लगातार सेवन से सेहत को बड़ा नुकसान हो सकता है।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि पाम ऑयल में सैचुरेटेड फैट (Saturated Fat) बहुत अधिक होता है। यही कारण है कि इसके सेवन से हार्ट अटैक, स्ट्रोक और यहां तक कि कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है। खासतौर पर बच्चों की सेहत के लिए यह और भी ज़्यादा खतरनाक साबित हो सकता है।

🔎 पाम ऑयल इतना पॉपुलर क्यों है?

Verywellhealth की रिपोर्ट के मुताबिक, पाम ऑयल आज की तारीख में दुनिया का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला तेल है। इसके पीछे कुछ कारण हैं:

  • यह बहुत सस्ता होता है।
  • लंबे समय तक खराब नहीं होता
  • खाने का टेस्ट और टेक्सचर सही बनाए रखता है।
  • बेकरी प्रोडक्ट्स और स्नैक्स को क्रिस्पी और शाइनी लुक देता है।

इसी वजह से बिस्किट से लेकर नूडल्स और नमकीन तक, ज्यादातर पैक्ड फूड में पाम ऑयल डाला जाता है।

🧪 पाम ऑयल में क्या होता है?

पाम ऑयल की फैटी एसिड प्रोफाइल इस प्रकार है:

  • 50% Saturated Fat (खतरनाक फैट)
  • 40% Monounsaturated Fat (थोड़ा बेहतर)
  • 10% Polyunsaturated Fat (स्वस्थ फैट)

सीधे शब्दों में कहें तो पाम ऑयल का लगभग आधा हिस्सा ऐसा फैट है, जो दिल की बीमारियों के लिए हानिकारक हो सकता है।

⚠️ सैचुरेटेड फैट क्यों है खतरनाक?

  • डॉक्टर और हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि ज्यादा सैचुरेटेड फैट खाने से शरीर में LDL यानी खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है।
  • यह कोलेस्ट्रॉल धीरे-धीरे आर्टरीज में जमा हो जाता है।
  • नतीजा – हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
  • अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) की गाइडलाइन के अनुसार, दिनभर की कुल कैलोरी का सिर्फ 5-6% ही सैचुरेटेड फैट से आना चाहिए।

👉 यानी अगर आप रोज़ाना 2000 कैलोरी लेते हैं, तो सिर्फ 13 ग्राम तक सैचुरेटेड फैट लेना सही है।

🔬 रिसर्च क्या कहती है?

पाम ऑयल को लेकर स्टडीज़ में मतभेद हैं:

  • कुछ रिसर्च कहती हैं कि यह कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ाता है।
  • जबकि कुछ स्टडीज़ मानती हैं कि इसका असर उतना खतरनाक नहीं है।
  • वजह यह बताई जाती है कि पाम ऑयल प्लांट-बेस्ड फैट है और इसमें Vitamin E और Tocotrienols पाए जाते हैं, जो एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करते हैं।
  • यही कारण है कि कई लोग इसकी तुलना ऑलिव ऑयल से भी करने लगते हैं, हालांकि यह दावा अभी पूरी तरह साबित नहीं हुआ है।

🔥 गरम करने पर बढ़ जाता है खतरा

  • पाम ऑयल को बार-बार गरम करने या बहुत ज्यादा उच्च तापमान पर पकाने से इसमें ऐसे हानिकारक केमिकल्स बन जाते हैं, जो दिल की बीमारी, कैंसर और डायबिटीज का खतरा बढ़ा सकते हैं।
  • खासतौर पर, बार-बार तले गए चिप्स, समोसे, पकोड़े और नूडल्स में यह खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है।

🏥 कैंसर और डायबिटीज से कनेक्शन

  • कई रिसर्च बताती हैं कि पाम ऑयल इंसुलिन सेंसिटिविटी को कम कर सकता है।
  • इससे शरीर का ग्लूकोज टॉलरेंस घटता है, यानी डायबिटीज का रिस्क बढ़ता है।
  • ज्यादा गरम करने पर इसमें Acrylamide नाम का कंपाउंड बन सकता है, जिसे कैंसर से जोड़ा जाता है।

👩‍⚕️ किन लोगों को ज्यादा सावधान रहना चाहिए?

  • जिनको पहले से हाई कोलेस्ट्रॉल, हार्ट डिजीज या डायबिटीज है।
  • छोटे बच्चों और बुजुर्गों को।
  • मोटापे से जूझ रहे लोगों को।

👉 इन लोगों को पाम ऑयल से जितना हो सके दूरी बनाकर रखनी चाहिए।

✅ सेहत के लिए बेहतर विकल्प

अगर आप हेल्दी रहना चाहते हैं, तो खाना पकाने में इन तेलों को प्राथमिकता दें:

  • ऑलिव ऑयल (Olive Oil)
  • सरसों का तेल (Mustard Oil)
  • कनोला ऑयल (Canola Oil)
  • राइस ब्रान ऑयल (Rice Bran Oil)
  • नारियल तेल (Coconut Oil – Limited Quantity)

बच्चों के लिए चिप्स, बिस्किट या नूडल्स खरीदते समय पैक पर लेबल जरूर चेक करें कि उसमें पाम ऑयल इस्तेमाल हुआ है या नहीं।

📝 निष्कर्ष

पाम ऑयल का सेवन पूरी तरह से बुरा नहीं है, लेकिन अत्यधिक मात्रा में और बार-बार गरम करने पर यह शरीर के लिए ज़हर बन सकता है।
इसलिए –

  • इसे सीमित मात्रा में ही खाएं।
  • बच्चों को पाम ऑयल युक्त पैक्ड फूड देने से बचें।
  • हेल्दी विकल्प अपनाएं और संतुलित डाइट लें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *