फैटी लिवर और लिवर डिजीज में कैसे फायदेमंद है Milk Thistle? जानें सही सेवन का तरीका

आजकल लिवर डिजीज (Liver Disease) और फैटी लिवर (Fatty Liver) जैसी बीमारियाँ तेजी से बढ़ रही हैं। भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में ये एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। इसकी सबसे बड़ी वजह है हमारी अनहेल्दी लाइफस्टाइल, गलत खानपान और शारीरिक गतिविधि की कमी

लिवर हमारे शरीर का बेहद अहम अंग है, जो

  • भोजन को पचाने,
  • टॉक्सिन्स (विषैले पदार्थों) को बाहर निकालने,
  • और प्रोटीन बनाने जैसे ज़रूरी काम करता है।

लेकिन जब लिवर की कार्यक्षमता कम हो जाती है, तो शरीर में कई तरह की समस्याएँ शुरू हो जाती हैं। ऐसे में लोग लिवर को डिटॉक्स करने के लिए महंगे-महंगे सप्लीमेंट्स खरीदते हैं। हालांकि, इन सप्लीमेंट्स में अक्सर Milk Thistle नामक हर्ब का इस्तेमाल किया जाता है, जो लिवर को स्वस्थ रखने में मददगार माना जाता है।

Milk Thistle क्या है?

मिल्क थिसल (Milk Thistle) एक औषधीय पौधा है, जिसे Silymarin के नाम से भी जाना जाता है। इसके बीजों में पाया जाने वाला सिलीमारिन कंपाउंड लिवर हेल्थ के लिए बेहद फायदेमंद है। प्राचीन काल से इसका उपयोग लिवर डिटॉक्स और लिवर डिजीज के इलाज में किया जाता रहा है।

लिवर के लिए कैसे फायदेमंद है Milk Thistle?

  1. लिवर को डिटॉक्स करता है
    मिल्क थिसल लिवर की कोशिकाओं को विषैले पदार्थों से बचाता है और उन्हें हेल्दी बनाए रखने में मदद करता है।
  2. फ्री रेडिकल्स से बचाव
    इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान को कम करते हैं।
  3. डैमेज सेल्स की मरम्मत
    शोध बताते हैं कि यह हर्ब लिवर की डैमेज कोशिकाओं को रिपेयर करने में मदद करता है।
  4. सूजन कम करता है
    इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण लिवर में सूजन को कम करने में सहायक होते हैं।
  5. शराब और दवाओं से हुए नुकसान में राहत
    अल्कोहल या हानिकारक दवाओं से लिवर पर पड़ा असर मिल्क थिसल से कम हो सकता है।

लिवर डिजीज में Milk Thistle का सेवन कैसे करें?

  1. मिल्क थिसल टी (Milk Thistle Tea)
    • इसके बीज या पत्तियों को पानी में उबालकर चाय बनाकर पी सकते हैं।
    • यह कैफीन-फ्री होती है और दिन में कभी भी पी जा सकती है।
  2. पाउडर या कैप्सूल
    • आयुर्वेदिक स्टोर या ऑनलाइन सप्लीमेंट के रूप में उपलब्ध है।
    • लेकिन किसी भी तरह के सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर की सलाह ज़रूरी है।
  3. डाइट में शामिल करें
    • सलाद या हर्बल रेसिपी में इसके पत्तों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

किन लोगों को Milk Thistle नहीं लेना चाहिए?

  • गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएँ बिना डॉक्टर की सलाह के इसका सेवन न करें।
  • जिन्हें डेज़ी (Daisy) या रैगवीड (Ragweed) से एलर्जी है, उन्हें भी इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
  • अगर आप कोई नियमित दवा ले रहे हैं (जैसे शुगर, ब्लड प्रेशर या ब्लड थिनर), तो डॉक्टर से सलाह लेना ज़रूरी है।

निष्कर्ष

Milk Thistle लिवर हेल्थ के लिए एक नेचुरल रेमेडी है, जो फैटी लिवर और अन्य लिवर डिजीज में फायदेमंद माना जाता है। यह लिवर को डिटॉक्स करता है, कोशिकाओं को रिपेयर करता है और सूजन कम करता है। हालांकि, इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहद जरूरी है, ताकि कोई साइड इफेक्ट न हो।

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