जन्माष्टमी 2025: करें इन श्रीकृष्ण मंत्रों का जाप, हर संकट में मिलेगा ठाकुरजी का साथ

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हर साल श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। यह केवल भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का दिन नहीं है, बल्कि उनके दिव्य स्वरूप, लीलाओं और गीता उपदेश जैसे चमत्कारी पक्षों को स्मरण करने का भी पावन अवसर होता है।

इस बार जन्माष्टमी 16 अगस्त 2025 (शनिवार) को मनाई जाएगी। मान्यता है कि जब धरती पर अधर्म और अत्याचार बढ़ गया था, तब भगवान विष्णु ने श्रीकृष्ण रूप में अवतार लिया और धर्म की पुनः स्थापना की।

बाल लीलाओं से लेकर महाभारत के युद्ध में दिए गए अमर उपदेशों तक, श्रीकृष्ण का हर रूप जीवन में मार्गदर्शन करता है। यही कारण है कि उनके कुछ विशेष मंत्रों का जाप करने से न सिर्फ मानसिक शांति मिलती है, बल्कि जीवन में आ रहे संकट भी दूर होते हैं।

ज्योतिषाचार्य अंशुल त्रिपाठी से जानिए जन्माष्टमी पर जपे जाने वाले श्रीकृष्ण के प्रभावशाली मंत्र, जो जीवन में सौभाग्य और दिव्यता लाते हैं।

🔮 1. हरे कृष्ण महामंत्र

मंत्र:

हरे कृष्ण हरे कृष्ण

कृष्ण कृष्ण हरे हरे

हरे राम हरे राम

राम राम हरे हरे ॥

➡️ यह सबसे प्रसिद्ध वैष्णव महामंत्र है। इसका जाप मन को शांत करता है और तनाव, चिंता व असफलता को दूर करता है। इसे नित्य जाप में शामिल करने से जीवन में भक्ति, आनंद और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।

🌼 2. नमो भगवते श्री गोविन्दाय

➡️ यह 12 अक्षरों वाला सिद्ध मंत्र है, जो सौभाग्य, प्रेम और सफलता दिलाने वाला माना जाता है। जिनके वैवाहिक या प्रेम संबंधों में समस्याएं चल रही हों, उनके लिए यह मंत्र विशेष रूप से लाभकारी है।

🕉️ 3. कृं कृष्णाय नमः

➡️ यह एक बीज मंत्र है जिसे भगवान श्रीकृष्ण द्वारा ही बताया गया था। इसका नियमित 108 बार जाप करने से जीवन में आ रही अड़चनें दूर होती हैं और घर में सुखशांति लक्ष्मी का वास होता है।

🙏 4. श्री कृष्णाय शरणं मम्

➡️ यह मंत्र पूर्ण समर्पण और श्रद्धा का प्रतीक है। जब जीवन में कठिनाइयाँ हों और सब ओर अंधकार छाया हो, तो यह मंत्र मन को हिम्मत और विश्वास देता है। ऐसा माना जाता है कि इसी भावना से श्रीकृष्ण ने द्रौपदी की रक्षा की थी।

📜 5. श्रीकृष्ण लीलामृत मंत्र

मंत्र:

आदौ देवकी देव गर्भजननं, गोपी गृहे वर्धनम्।

माया पूजनिकासु ताप हरणं गोवर्धनोधरणम्।।

कंसच्छेदनं कौरवादिहननं, कुंतीसुपाजालनम्।

एतद् श्रीमद्भागवतम् पुराण कथितं श्रीकृष्ण लीलामृतम्।।

➡️ इस मंत्र में श्रीकृष्ण की प्रमुख लीलाओं का वर्णन है। यह मंत्र न केवल भक्ति भाव को प्रगाढ़ करता है, बल्कि यह याद दिलाता है कि भगवान सच्चे भक्तों के हर संघर्ष में साथ होते हैं।

6. अच्युतं केशवं मंत्र

मंत्र:

अच्युतं केशवं रामनारायणं

कृष्णं दामोदरं वासुदेवं हरे।

श्रीधरं माधवं गोपिकावल्लभं

जानकी नायकं रामचंद्रं भजे।।

➡️ इस मंत्र में भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण के विविध स्वरूपों का स्मरण होता है। यह मंत्र सुबह के समय जाप करने से घर में पॉजिटिव एनर्जी आती है और सभी प्रकार के संकट दूर होते हैं।

🔔 जन्माष्टमी पर मंत्र जाप के लाभ

  • जीवन में शांति, संतुलन और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार
  • मानसिक तनाव, भय और असुरक्षा की भावना से मुक्ति
  • प्रेम और पारिवारिक रिश्तों में मधुरता
  • कार्यक्षेत्र में सफलता और रुकावटों से छुटकारा
  • भक्ति भाव का जागरण और ईश्वर के प्रति समर्पण

 

🙏 निष्कर्ष:

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल उत्सव नहीं, बल्कि आत्मिक उन्नति का अवसर है। इस दिन अगर श्रद्धा और विश्वास से श्रीकृष्ण मंत्रों का जाप किया जाए, तो जीवन के कई संकट स्वतः दूर हो जाते हैं। इस जन्माष्टमी पर इन मंत्रों को अपने जीवन में शामिल करें और भगवान के दिव्य आशीर्वाद से अपने मन, घर और कर्मों को पवित्र करें।

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