हिंदू धर्म में जन्माष्टमी का त्योहार बेहद पावन और खास महत्व रखता है। पूरे देश में इसे भक्ति, उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। हर साल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को, जब रोहिणी नक्षत्र का संयोग बनता है, मध्य रात्रि में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। यही कारण है कि इस दिन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिलता है।
लोग जन्माष्टमी के लिए कई दिन पहले से तैयारी शुरू कर देते हैं—घर को सजाना, मंदिर की सफाई करना, लड्डू गोपाल का श्रृंगार करना और झूला सजाना। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मंदिर सजाते समय कुछ वास्तु नियम अपनाकर आप अपने घर में सकारात्मक ऊर्जा, सुख-समृद्धि और भाग्यवृद्धि ला सकते हैं? आइए विस्तार से जानते हैं जन्माष्टमी पर मंदिर सजाने के वास्तु टिप्स—
1. लड्डू गोपाल की चौकी किस दिशा में लगाएं
जन्माष्टमी पर कई भक्त घर में लड्डू गोपाल की अलग चौकी लगाकर सजाते हैं।
- वास्तु शास्त्र के अनुसार, भगवान को उत्तर दिशा में स्थापित करना सबसे शुभ माना जाता है।
- अगर उत्तर दिशा में जगह न हो, तो पूर्व दिशा भी सही है।
- उत्तर दिशा सुख, तरक्की और पॉजिटिव एनर्जी का प्रतीक है, जिससे घर में हमेशा खुशहाली बनी रहती है।
2. नई प्रतिमा लाते समय सावधानियां
अगर आप इस जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल की नई प्रतिमा लाने की सोच रहे हैं, तो ये बातें याद रखें—
- प्रतिमा छोटी और अखंड होनी चाहिए, उसमें कोई दरार न हो।
- वास्तु के अनुसार, घर में अंगूठे जितनी (2-3 इंच) मूर्ति रखना शुभ होता है।
- प्रतिमा को घर लाने से पहले गंगाजल से शुद्ध करें और फिर पूजा स्थल पर रखें।
- लड्डू गोपाल की सेवा और पूजा से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं।
3. बाल गोपाल के झूले की दिशा
जन्माष्टमी की रात लड्डू गोपाल को झूला झुलाना बहुत शुभ माना जाता है।
- झूला रखते समय ध्यान रखें कि आपका मुख उत्तर दिशा की ओर हो।
- यदि संभव न हो, तो पूर्व दिशा की ओर मुख करके झुलाएं।
- भगवान की प्रतिमा आपके सामने होनी चाहिए।
इन दिशाओं में पूजा करने से शुभ फल और भगवान की कृपा प्राप्त होती है।
4. मंदिर सजाते समय क्या न करें
मंदिर सजावट में कुछ गलतियां वास्तु के अनुसार अशुभ मानी जाती हैं—
- काले या गहरे रंगों का इस्तेमाल न करें।
- लाल, पीला, हरा, गुलाबी जैसे शुभ रंग चुनें।
- प्रतिमा रखने की जगह को पहले अच्छी तरह साफ करें।
- मंदिर के पास जूते-चप्पल का स्टैंड, झाड़ू या गंदगी न हो।
5. मोर पंख और बांसुरी का सही स्थान
कान्हा जी को मोर पंख और बांसुरी अत्यंत प्रिय हैं।
- बांसुरी को भगवान के दाएं हाथ में रखें।
- अगर ऐसा न हो सके, तो बांसुरी और मोर पंख को उनकी दाईं ओर रखें।
- यह वास्तु के अनुसार बेहद शुभ माना जाता है और परिवार पर हमेशा श्रीकृष्ण की कृपा बनी रहती है।
निष्कर्ष
जन्माष्टमी पर घर का मंदिर सजाते समय अगर आप ये वास्तु टिप्स अपनाते हैं, तो न केवल भगवान श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त होगी, बल्कि आपके घर में सुख-समृद्धि, सकारात्मक ऊर्जा और तरक्की भी बनी रहेगी। इस पवित्र दिन को श्रद्धा, प्रेम और वास्तु के अनुसार मनाकर आप अपने जीवन में खुशियों का संचार कर सकते हैं।