कैंसर के सुराग से ही कैंसर का इलाज!

आपका शरीर एक रसोई जैसा है

सोचो कि आपका शरीर एक रसोई (किचन) है और आपकी जीन्स वो रेसिपी हैं जो बताती हैं कि शरीर की कोशिकाएं कैसे काम करें।

अगर कोई रेसिपी गलत हो जाए — जैसे कुछ ज़्यादा पक जाए या गलत चीज़ मिल जाए — तो वो कैंसर का रूप ले सकता है।

प्रेसिशन कैंसर केयर क्या है?

प्रेसिशन मेडिसिन का मतलब है कि डॉक्टर खास जांच से यह पता लगाते हैं कि रेसिपी में क्या गलती हुई है।

फिर वो दवाई और इलाज उसी के हिसाब से बदलते हैं जैसे कोई रसोइया स्वाद ठीक करने के लिए अपनी रेसिपी में बदलाव करता है।

प्रेसिशन मेडिसिन से डॉक्टर हर मरीज के लिए खास इलाज की योजना बनाते हैं।

प्रेसिशन कैंसर केयर क्यों ज़रूरी है?

यह मदद करता है:

कैंसर को जल्दी पकड़ने में
सही कैंसर की पहचान करने में आसानी होती हैं
सही इलाज चुनने में मदद मिलती हैं
इलाज का असर देखने में
दवाई के नुक़सान कम करने में
बेहतर नतीजे लाने में

कैंसर इलाज में कैसे मदद करता है?

डॉक्टर खास टेस्ट करते हैं, जिससे उन्हें पता चलता है कि कैंसर की असली वजह क्या है।

फिर वह इलाज उसी के अनुसार तय करते हैं।

लेकिन हर कैंसर का इलाज ऐसे नहीं होता कुछ में अभी ये तकनीक काम नहीं करती।

जिन कैंसर में यह तकनीक ज़्यादा काम आती है:

  • फेफड़े का कैंसर
  • स्तन (ब्रेस्ट) कैंसर
  • पेट, आंत और अन्ननलिका का कैंसर
  • अंडाशय (ओवरी) का कैंसर
  • त्वचा का कैंसर (मेलानोमा)
  • कुछ तरह के ल्यूकेमिया और लिम्फोमा
  • थायरॉइड कैंसर

डॉक्टर से क्या पूछें?

अगर आपको कैंसर है:

  • क्या मेरे कैंसर के लिए कोई खास टेस्ट चाहिए होगा?
  • यह टेस्ट क्या बताएंगे?
  • क्या कोई क्लीनिकल ट्रायल है मेरे इलाज के लिए?
  • क्या आगे कोई और टेस्ट भी होंगे?
  • खर्च कितना आएगा? क्या बीमा कवर करेगा?

अगर आपके परिवार में कैंसर रहा है:

  • क्या मेरी फैमिली हिस्ट्री से मेरा खतरा बढ़ता है?
  • क्या मुझे जेनेटिक टेस्ट कराना चाहिए या नहीं ?
  • टेस्ट के नतीजे का मतलब क्या होगा?
  • क्या मेरे परिवार को भी टेस्ट कराना चाहिए या नहीं ?

कैंसर से समझदारी से लड़ाई

प्रेसिशन मेडिसिन एक नया तरीका है जिससे डॉक्टर यह पता करते हैं कि शरीर में क्या गड़बड़ हुई है और फिर उसी के अनुसार इलाज तय करते हैं।

यह हर कैंसर में काम नहीं करता, लेकिन बहुत लोगों को इससे उम्मीद मिली है।

अपने डॉक्टर से इसके बारे में ज़रूर बात करें और अगर आपको कोई भी ऐसी दिकत है तो आप भी अपना हेल्थ चेकउप कराये।

 

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