भरतपुर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का शानदार मेला!

चार दिन चलेगा भक्ति और मस्ती का त्योहार

भरतपुर शहर में इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी बहुत धूमधाम से मनाई जा रही है। यह त्योहार 4 दिन तक चलेगा, और मंदिर में हर दिन बहुत सुंदर सजावट और कार्यक्रम प्रस्तुत किये जायेगे।

श्री बांके बिहारी मंदिर में खास तैयारी

श्रीकृष्ण के प्यारे मंदिर श्री बांके बिहारी मंदिर को फूलों और रंग बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। मंदिर बहुत ही सुंदर दिख रहा है। हर दिन सुबह भगवान श्रीकृष्ण को बहुत सुंदर कपड़े पहनाए जाएंगे और उनका विशेष श्रृंगार किया जाएगा उनको तैयार करने के लिए।

शाम को भजन और नाच गाना होगा 

हर शाम को भजन संध्या और परंपरागत नाच गाने के कार्यक्रम होंगे। बहुत सारे गायक और कलाकार आएंगे जो श्रीकृष्ण के गीत गाएंगे। लोग झूम उठेंगे और बहुत आनंद मिलेगा।

पंचामृत का प्रसाद

इस बार मंदिर में भक्तों के लिए 5 क्विंटल पंचामृत (दूध, दही, , शहदघी और शक्कर से बना मीठा प्रसाद) बनाया जाएगा। रात 12 बजे, जब भगवान श्रीकृष्ण का जन्म माना जाता है, तब ये पंचामृत भक्तों में बांटा जाएगा।

लगभग 10,000 लोग इस प्रसाद का आनंद लेंगे और भगवान् कृष्ण का आशीर्वाद पाएंगे। हर साल पंचामृत वितरण की परंपरा होती है, लेकिन इस बार इसे और भी बड़े स्तर पर मनाया जाएगा।

शहर में दिखेगी रौशनी की छटा

मंदिर ही नहीं, बल्कि पूरा भरतपुर शहर लाइटिंग और सजावट से चमक रहा है।

  • गलियों में झालरें लटकाई गई हैं।
  • भरतपुर का पुराना किला भी रंगीन रोशनी से सजाया गया है इस बार की जन्माष्टमी पर।

रात को ये सब कुछ बहुत सुंदर और चमचमाता दिखाई देगा।

सुरक्षा के पूरे इंतज़ाम

भक्तों की भीड़ को सँभालने के लिए मंदिर समिति ने पुलिस और सुरक्षा गार्ड्स की व्यवस्था की है।

  • डॉक्टर और प्राथमिक उपचार की टीम भी वहां रहेगी, ताकि किसी को तकलीफ ना हो।
  • मंदिर में बैरिकेड्स लगाए गए हैं ताकि लोग आराम से दर्शन कर सकें।

धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी सिर्फ एक धार्मिक पर्व नहीं है, यह भरतपुर की सांस्कृतिक पहचान भी है।

हर साल यहां बहुत से लोग दूर-दूर से आते हैं, और यह पर्व सबको एक साथ जोड़ता है। ब्रज क्षेत्र, जिसमें भरतपुर आता है, श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़ा हुआ है, इसलिए यहां जन्माष्टमी का बहुत ज्यादा महत्व होता है।

आओ, मिलकर मनाएं श्रीकृष्ण का जन्मदिन!

इस बार का श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेला भक्ति, संगीत, प्रसाद और रौशनी से भरा होगा। तो आप भी तैयार हो जाइए श्रीकृष्ण के जन्मदिन की खुशी मनाने के लिए।

जय श्रीकृष्ण!

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