एल्विश यादव कौन हैं?
एल्विश यादव एक मशहूर यूट्यूबर और बिग बॉस ओटीटी के विनर हैं। उनके लाखों में फॉलोअर्स हैं। वे गुरुग्राम (हरियाणा) में रहते हैं।
क्या हुआ था 17 अगस्त के दिन?
17 अगस्त की सुबह तीन बदमाश बाइक से आए।
- उनमें से दो ने एल्विश यादव के घर पर गोलियाँ चलाईं।
- तीसरा बदमाश बाइक पर बैठा रहा।
सौभाग्य से किसी को चोट नहीं लगी, लेकिन माहौल डरावना हो गया था क्योकि हमलावरों ने बहुत सारी गोलिया चलाई।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दो शूटरों को गिरफ्तार किया।
- पहला – गौरव सिंह (उर्फ निक्का), जो की फरीदाबाद का रहने वाला था।
- दूसरा – आदित्य तिवारी, जो मूल रूप से बिहार के तैमूर जिले का है, लेकिन फरीदाबाद में पढ़ाई कर रहा था।
इन दोनों को शाहबाद डेरी, दिल्ली से पकड़ा गया।
किसने दिया था हमला करने का आदेश?
यह काम हिमांशु भाऊ नाम के गैंगस्टर ने दिया था।
- वह विदेश में छिपा हुआ है।
- उसने सिग्नल ऐप से अपने शूटरों को आदेश दिया कि एल्विश के घर फायरिंग करनी है।
- वजह – एल्विश ने एक बेटिंग ऐप का प्रमोशन किया था, जो की उसकी गैंग को पसंद नहीं आया।
- फायरिंग करने वाले पहले ही सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गए थे।
- पुलिस ने एक एक करके सबको पकड़ा।
- पहले ईशांत गांधी नाम का आरोपी मुठभेड़ में पकड़ा गया।
- फिर उसके भाई जतिन को भी गिरफ्तार किया गया, जिसने बाइक दी थी।
- आखिरकार गौरव और आदित्य ने पुलिस के सामने समर्पण कर दिया और यह दोनों भी पकडे गए है।
सामान जो अभी तक बरामद किया गया
पुलिस ने शूटरों से
- एक पिस्टल
- चार कारतूस
- एक मोबाइल फोन बरामद किया।
दोनों शूटरों की जानकारी
- गौरव सिंह – फरीदाबाद का रहने वाला, पहले भी कुछ अपराध कर चुका है।
- आदित्य तिवारी – बिहार का रहने वाला, फरीदाबाद से बीसीए पढ़ रहा था। उसका पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था।
पुलिस की कार्रवाई आगे
- दोनों पर आर्म्स एक्ट और अन्य केस दर्ज हुए।
- पूछताछ में उन्होंने माना कि वे नीरज फरीदपुरिया-हिमांशु भाऊ गिरोह के लिए काम कर रहे थे।
- उन्हें इस काम के लिए बहुत से पैसा और हथियार दिए गए थे।
अब क्या होगा?
पुलिस ने दोनों को गुरुग्राम पुलिस को सौंप दिया है।
उनके इनके खिलाफ अचे से करवाई की जाएगी।
इस घटना से यह साफ हुआ कि गैंगस्टर अभी भी ऑनलाइन ऐप और पैसों के झगड़ों की वजह से अपराध कर रहे हैं।
निष्कर्ष
यह पूरी घटना हमें सिखाती है कि
- गलत संगति और अपराध से सिर्फ बर्बादी मिलती है।
- इंटरनेट और ऐप्स के झगड़े भी बड़े अपराध का कारण बन सकते हैं।
- पुलिस हमेशा सजग रहती है और अपराधियों को पकड़ लेती है।
बच्चों के लिए सीख:
हमें हमेशा सही रास्ता चुनना चाहिए और बुरी संगति से दूर रहना चाहिए।