ज्योतिष शास्त्र में ग्रहण का बहुत महत्व माना गया है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से यह केवल एक खगोलीय घटना है, लेकिन हिंदू धर्म और ज्योतिष की मान्यताओं के अनुसार ग्रहण शुभ नहीं माना जाता। साल 2025 का आखिरी सूर्य ग्रहण 21 सितंबर को लगने जा रहा है। यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा, लेकिन ज्योतिषीय दृष्टि से इसका असर सभी 12 राशियों पर अलग-अलग रूप में देखने को मिलेगा।
आइए जानते हैं कि इस सूर्य ग्रहण का असर किन राशियों पर सबसे ज्यादा नकारात्मक हो सकता है और ग्रहों की स्थिति कैसी रहेगी।
साल का अंतिम सूर्य ग्रहण 2025 : कब और कहां दिखाई देगा?
- तिथि : 21 सितंबर 2025
- सूर्य की स्थिति : इस दिन सूर्य कन्या राशि में विराजमान रहेंगे।
- भारत में दृश्यता : यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा।
- दृश्यता वाले देश : ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया और दक्षिण प्रशांत महासागर के कुछ हिस्सों में यह ग्रहण देखा जा सकेगा।
- सूतक काल : भारत में ग्रहण दिखाई न देने के कारण सूतक काल प्रभावी नहीं होगा।
किन राशियों को रहेगा ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव?
1. मिथुन राशि (Gemini)
मिथुन राशि के जातकों को इस समय आर्थिक मामलों में सावधानी बरतनी होगी।
- धन हानि और निवेश में घाटे की संभावना।
- वाणी पर संयम रखें, वरना विवाद बढ़ सकते हैं।
- इस दौरान धैर्य और संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
2. कन्या राशि (Virgo)
कन्या राशि के लिए यह ग्रहण कई चुनौतियां लेकर आएगा।
- कार्यों में बाधा और मानसिक तनाव।
- बड़े निर्णय लेने से पहले दो बार सोचें।
- स्वास्थ्य संबंधी परेशानी की संभावना बढ़ेगी।
3. धनु राशि (Sagittarius)
धनु राशि वालों को इस ग्रहण के समय विशेष सतर्क रहना चाहिए।
- कोर्ट-कचहरी और कानूनी मामलों में नकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।
- व्यापार और आर्थिक स्थिति में उतार-चढ़ाव रहेगा।
- धन हानि की संभावना, इसलिए दान करना शुभ रहेगा।
4. मीन राशि (Pisces)
मीन राशि के जातकों के लिए यह ग्रहण चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।
- व्यापार में नुकसान और रणनीति विफल हो सकती है।
- स्वास्थ्य पर विपरीत असर और दांपत्य जीवन में तनाव।
- पारिवारिक माहौल में कलह और अनबन बढ़ सकती है।
सूर्य ग्रहण के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के उपाय
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुछ उपाय अपनाकर ग्रहण का अशुभ असर कम किया जा सकता है:
- गरीबों और जरूरतमंदों को दान करें।
- सूर्य मंत्र का जाप करें।
- ग्रहण काल में अनावश्यक विवादों और बड़े फैसलों से बचें।
- सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करें और उनकी पूजा करें।
निष्कर्ष
21 सितंबर 2025 को लगने वाला साल का अंतिम सूर्य ग्रहण भले ही भारत में दिखाई न दे, लेकिन इसकी ज्योतिषीय गणना के अनुसार इसका असर सभी राशियों पर पड़ेगा। खासकर मिथुन, कन्या, धनु और मीन राशि के जातकों को इस समय सावधानी बरतनी चाहिए। सही निर्णय, संयम और दान-पुण्य से इसके नकारात्मक प्रभाव को कम किया जा सकता है।