हिंदू धर्म में मां लक्ष्मी को धन, वैभव और सुख-समृद्धि की देवी माना जाता है। ऐसा विश्वास है कि जिस घर के मंदिर में पवित्रता और साफ-सफाई रहती है, वहां मां लक्ष्मी का वास होता है और घर में सुख-शांति बनी रहती है। वास्तु और शास्त्र दोनों में मंदिर की नियमित सफाई और सही देखभाल को बेहद जरूरी बताया गया है। यहां हम आपको मंदिर की सफाई के 5 ऐसे जरूरी नियम बता रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप अपने घर में सकारात्मक ऊर्जा और मां लक्ष्मी की कृपा बनाए रख सकते हैं।
1. मंदिर की रोजाना सफाई करें
मंदिर घर का सबसे पवित्र स्थान होता है, इसलिए रोज सुबह स्नान के बाद साफ हाथों से मंदिर की सफाई करनी चाहिए। धूल या गंदगी जमा होने से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और घर के वातावरण पर बुरा असर पड़ता है।
2. पीले या लाल कपड़े से सफाई
शास्त्रों में मंदिर की सफाई के लिए पीले या लाल कपड़े का उपयोग शुभ माना गया है। यह रंग ऊर्जा, पवित्रता और समृद्धि का प्रतीक है। ध्यान रखें कि यह कपड़ा केवल मंदिर की सफाई के लिए हो और अन्य कामों में इस्तेमाल न करें।
3. भगवान की मूर्तियों की नियमित धुलाई
मूर्तियों पर समय के साथ धूल या तेल की परत जम सकती है। सप्ताह में कम से कम एक बार गंगाजल या स्वच्छ जल से मूर्तियों को स्नान कराएं और मुलायम कपड़े से पोंछ लें। इससे मंदिर का पवित्र वातावरण और भी बढ़ जाता है।
4. अगरबत्ती और दीपक की सफाई
दीपक में जमा कालिख और अगरबत्ती के राख को समय पर साफ करें। यह न केवल मंदिर को साफ रखता है बल्कि वातावरण में ताजगी भी बनाए रखता है।
5. मंदिर में टूटी-फूटी चीजें न रखें
वास्तु के अनुसार मंदिर में टूटी हुई मूर्तियां, चिपके फूल या मुरझाए हार नहीं रखने चाहिए। इन्हें तुरंत हटा दें और ताजे फूल एवं साफ वस्तुएं ही अर्पित करें।
विशेष सुझाव
- मंदिर में कभी जूते-चप्पल पहनकर न जाएं।
- पूजा के समय मोबाइल या टीवी का शोर बंद कर दें।
- मंदिर में हल्की-फुल्की सुगंधित धूप और दीपक जलाएं।
निष्कर्ष:
मां लक्ष्मी का वास केवल उसी स्थान पर होता है जहां सफाई, पवित्रता और सकारात्मकता बनी रहती है। मंदिर की इन 5 सफाई नियमों का पालन करके आप न केवल अपने घर के माहौल को शुद्ध और शांत रखेंगे, बल्कि सुख-समृद्धि और धन की देवी मां लक्ष्मी की कृपा भी प्राप्त करेंगे।