प्लेटलेट्स की संख्या अगर सामान्य से कम हो जाए तो शरीर में थकावट, बार-बार ब्लीडिंग और इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। खासकर डेंगू, मलेरिया और वायरल फीवर के दौरान प्लेटलेट्स बहुत तेजी से गिरते हैं, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) भी कमजोर हो जाती है।
ऐसी स्थिति में डॉक्टर के इलाज के साथ-साथ कुछ फलों का सेवन बहुत फायदेमंद हो सकता है। कीवी और पपीता दोनों ही प्लेटलेट्स को बढ़ाने में कारगर माने जाते हैं। लेकिन सवाल ये उठता है — इन दोनों में से सबसे ज्यादा असरदार कौन है? आइए जानते हैं—
🥝 कीवी: प्लेटलेट्स को धीरे–धीरे बढ़ाने वाला सुपरफूड
✔️ विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर
कीवी में प्रचुर मात्रा में विटामिन C पाया जाता है, जो इम्युनिटी को मजबूत करने के साथ-साथ प्लेटलेट्स के निर्माण में सहायक होता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को संक्रमण से लड़ने की ताकत देते हैं।
✔️ फोलेट और फाइबर की मौजूदगी
इसमें मौजूद फाइबर और फोलेट ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाते हैं और प्लेटलेट्स बनने की प्रक्रिया को सपोर्ट करते हैं।
✔️ सूजन कम करने वाले गुण
कीवी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो शरीर में सूजन को कम करके रिकवरी को तेज करते हैं।
✔️ ब्लड क्लॉटिंग में मददगार
विटामिन K की मौजूदगी की वजह से कीवी खून का थक्का जमाने (ब्लड क्लॉटिंग) में सहायक होता है, जिससे प्लेटलेट्स की स्थिरता बनी रहती है।
🍃 पपीता: तेज़ी से प्लेटलेट्स बढ़ाने वाला नैचुरल उपाय
✔️ पपीते के पत्तों का रस – असरदार और नैचुरल
पपीते के पत्तों का जूस प्लेटलेट्स की संख्या बढ़ाने के लिए सबसे प्रसिद्ध घरेलू उपायों में से एक है। इसमें मौजूद ‘पपेन एंजाइम’ प्लेटलेट्स की तेजी से वृद्धि करता है।
✔️ विटामिन A, C और फोलेट से भरपूर
पपीते में मौजूद पोषक तत्व न केवल प्लेटलेट्स को बढ़ाते हैं बल्कि इम्युनिटी को भी मजबूत करते हैं, जिससे शरीर जल्दी रिकवर करता है।
✔️ डेंगू और मलेरिया में बेहद उपयोगी
कई स्टडीज़ के अनुसार, डेंगू और मलेरिया के मरीजों को पपीते का जूस देने से उनके प्लेटलेट्स तेजी से बढ़ते हैं और रिकवरी भी जल्दी होती है।
✔️ एंटी–वायरल और एंटी–बैक्टीरियल गुण
पपीते में प्राकृतिक रूप से संक्रमण से लड़ने वाले तत्व होते हैं, जो वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण को रोकने में मदद करते हैं।
✅ तो कौन है ज्यादा असरदार – कीवी या पपीता?
अगर बात करें तेज़ी से प्लेटलेट्स बढ़ाने की, तो पपीते के पत्तों का रस कीवी की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी है। खासकर डेंगू, मलेरिया जैसे मामलों में यह एक नेचुरल और सस्ता उपाय है।
वहीं, कीवी का सेवन लंबे समय तक करने से प्लेटलेट्स की संख्या स्थिर बनी रहती है और इम्युनिटी भी मजबूत होती है। इसलिए दोनों का उपयोग अपने-अपने स्थान पर फायदेमंद है।