हर वर्ष की तरह इस बार भी गणेश चतुर्थी का पर्व पूरे भारत में भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। यह पर्व न केवल घरों में बल्कि सड़कों, पंडालों और समाजिक आयोजनों में भी बड़े उत्साह से मनाया जाता है। “गणपति बप्पा मोरया” के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठता है।
गणेश पुराण के अनुसार, इसी दिन भगवान गणेश का जन्म हुआ था, और इसी उपलक्ष्य में भक्तजन अपने घरों में बप्पा की प्रतिमा स्थापित कर उनकी पूजा करते हैं। लेकिन इस बार एक सवाल सभी को उलझन में डाल रहा है — गणेश चतुर्थी 26 अगस्त को है या 27 अगस्त को? आइए जानते हैं इस वर्ष का सटीक मुहूर्त और स्थापना विधि।
📅 गणेश चतुर्थी 2025 की सही तारीख और समय
पंचांग के अनुसार:
- चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 26 अगस्त 2025, दोपहर 1:55 बजे
- चतुर्थी तिथि समाप्त: 27 अगस्त 2025, दोपहर 3:45 बजे
इस स्थिति में, चूंकि 27 अगस्त को चतुर्थी तिथि उदय काल (sunrise time) में भी रहेगी, इसलिए गणेश चतुर्थी का पर्व मुख्य रूप से 27 अगस्त 2025 को ही मनाया जाएगा।
➡️ हालांकि, व्रत रखने वाले भक्तों को 26 अगस्त को व्रत करना चाहिए, क्योंकि चतुर्थी की तिथि उस रात रहेगी और चंद्रमा पूजन भी इसी दिन किया जाएगा।
🕉️ गणेश प्रतिमा की स्थापना 27 अगस्त को दिन के समय करना ही शास्त्रों के अनुसार श्रेष्ठ माना गया है, क्योंकि गणेशजी का जन्म भी दिन के समय ही हुआ था।
📆 गणेशोत्सव की अवधि
गणेश चतुर्थी की शुरुआत 27 अगस्त 2025 से होगी और यह उत्सव 6 सितंबर 2025 (अनंत चतुर्दशी) तक चलेगा।
🛕 पहली बार घर में ला रहे हैं बप्पा? ध्यान में रखें ये जरूरी बातें
अगर आप इस बार पहली बार अपने घर में गणपति बप्पा को ला रहे हैं, तो पूजा की शुद्धता और विधि का पालन करना बहुत जरूरी है। जानिए किन बातों का रखें विशेष ध्यान:
✅ मूर्ति चयन करते समय:
- बाईं ओर सूंड वाली मूर्ति को अधिक शुभ माना जाता है।
- पहली बार घर में बप्पा ला रहे हैं, तो बैठी हुई प्रतिमा ही लाएं, इससे घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
- बप्पा के एक हाथ में आशीर्वाद की मुद्रा और दूसरे में मोदक होना चाहिए — ऐसी प्रतिमा को अत्यंत मंगलकारी माना गया है।
✅ स्थापना की दिशा और स्थान:
- गणेश जी की स्थापना ईशान कोण (उत्तर–पूर्व दिशा) में करें।
- मूर्ति का मुख उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए।
✅ स्थापना की तैयारी:
- बप्पा को स्थापित करने से पहले लकड़ी की चौकी को अच्छे से साफ करके गंगाजल से शुद्ध करें।
- फिर उसपर लाल कपड़ा बिछाकर, उस पर ही बप्पा को विराजमान करें।
🙏 निष्कर्ष:
गणेश चतुर्थी 2025 में यदि आप व्रत रखना चाहते हैं तो 26 अगस्त को करें, लेकिन बप्पा की मूर्ति स्थापना के लिए 27 अगस्त दोपहर का समय सबसे शुभ रहेगा। धार्मिक शास्त्रों और पंचांग दोनों के अनुसार, यही उत्तम माना गया है।
इस गणेश चतुर्थी पर शुद्धता, भक्ति और नियमों के साथ बप्पा को अपने घर में स्थापित करें, ताकि सुख, समृद्धि और विघ्नहर्ता का आशीर्वाद पूरे वर्ष बना रहे।