सावन मास, भगवान शिव को समर्पित एक अत्यंत पावन महीना, अब अपने अंतिम चरण में है। 4 अगस्त 2025 को सावन का अंतिम सोमवार पड़ रहा है, जो विशेष पुण्यफलदायी और फलदायक माना जाता है। इस दिन महादेव की विशेष पूजा-अर्चना से आर्थिक लाभ, मनोवांछित फल, और आध्यात्मिक शांति प्राप्त हो सकती है।
शास्त्रों में उल्लेख है कि यदि श्रावण मास के अंतिम सोमवार पर भक्त सच्चे भाव से भगवान शिव की पूजा करें, तो वे शीघ्र प्रसन्न होकर सभी कष्टों का नाश करते हैं।
🔱 सावन के अंतिम सोमवार की महत्वता
- अंतिम सोमवार का महत्व इसलिए भी अधिक होता है क्योंकि यह पूरे महीने की साधना और भक्ति का फल देने वाला दिन होता है।
- इस दिन जलाभिषेक, बिल्वपत्र अर्पण, और मंत्र जाप से विशेष कृपा प्राप्त होती है।
🕯️ पूजा विधि – शिव पूजन कैसे करें
- प्रातःकाल स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- पूजन सामग्री जैसे गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद, शक्कर, और बिल्वपत्र एकत्रित करें।
- शिवलिंग पर पंचामृत से अभिषेक करें (गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद)।
- इसके बाद शिवलिंग पर बिल्वपत्र, धतूरा, शमी का फूल, और भस्म अर्पित करें।
- मौसमी फल और शुद्ध देसी घी का दीपक जलाएं।
- अब 108 बार “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।
- “ॐ त्र्यम्बकं यजामहे…” महामृत्युंजय मंत्र का जप करें।
- फिर शिव चालीसा का पाठ करें और आरती करें।
- अंत में, सफेद वस्त्र या भोजन का दान जरूरतमंदों को करें।
🙏 शिव जी के प्रभावशाली मंत्र
- ॐ नमः शिवाय (मूल मंत्र)
- ॐ त्र्यम्बकं यजामहे… (महामृत्युंजय मंत्र)
- ॐ साधोजाताय नमः
- ॐ अघोराय नमः
- ॐ ईशानाय नमः
- ॐ वामदेवाय नमः
- ॐ पार्वतीपतये नमः
📿 मंत्र जाप से होने वाले लाभ
- मानसिक एकाग्रता में वृद्धि
- स्वास्थ्य लाभ और रोगों से राहत
- आर्थिक समस्याओं का समाधान
- भय, तनाव और अशांति से मुक्ति
- आध्यात्मिक उन्नति और आत्मबल में वृद्धि
🔚 निष्कर्ष
सावन का अंतिम सोमवार एक विशेष अवसर है, जब श्रद्धा और विधिपूर्वक की गई शिव पूजा आपके जीवन में चमत्कारिक बदलाव ला सकती है। यह दिन आपके लिए धन, स्वास्थ्य और सुख-शांति की राह खोल सकता है, यदि आप महादेव का नाम लेकर सच्चे मन से आराधना करें।