साल 2025 में कुल दो चंद्र ग्रहण लगने वाले हैं, जिनमें से पहला पहले ही अप्रैल में हो चुका है। अब सभी की नजर साल के दूसरे और अंतिम चंद्र ग्रहण पर है, जो सितंबर 2025 में लगने जा रहा है। यह खगोलीय घटना न केवल वैज्ञानिक दृष्टि से, बल्कि धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
चलिए जानते हैं कि यह चंद्र ग्रहण कब लगेगा, भारत में दिखाई देगा या नहीं, और सूतक काल से जुड़ी आवश्यक जानकारी।
📅 चंद्र ग्रहण 2025 की तारीख और समय
- तारीख: 7 सितंबर 2025 (शनिवार)
- ग्रहण प्रारंभ: रात 07:12 बजे (भारतीय समय अनुसार)
- ग्रहण मध्यकाल: रात 08:19 बजे
- ग्रहण समाप्त: रात 09:27 बजे
- ग्रहण की अवधि: लगभग 2 घंटे 15 मिनट
यह एक आंशिक चंद्र ग्रहण (Partial Lunar Eclipse) होगा।
🌍 क्या यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा?
हां, यह चंद्र ग्रहण भारत के अधिकांश हिस्सों में दिखाई देगा।
खासकर उत्तर भारत, पूर्वोत्तर राज्यों, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार और झारखंड जैसे क्षेत्रों में इसका दृश्य साफ तौर पर देखा जा सकेगा।
यदि मौसम साफ रहा तो चंद्रमा का आंशिक ढकाव आम लोगों को भी नजर आएगा।
🕉️ सूतक काल कब लगेगा?
हिंदू धर्म में ग्रहण के समय सूतक काल का विशेष महत्व होता है, जो ग्रहण लगने से 9 घंटे पहले प्रारंभ हो जाता है।
- सूतक काल प्रारंभ: सुबह 10:12 बजे (7 सितंबर को)
- सूतक काल समाप्त: रात 09:27 बजे (ग्रहण समाप्ति के साथ)
सूतक काल में क्या करें और क्या न करें:
✅ जप, ध्यान, स्तोत्र पाठ करें
❌ भोजन, नख कटिंग, बाल कटिंग, पूजन आदि वर्जित होते हैं
👶 बच्चों, बुजुर्गों और रोगियों पर सूतक का पूर्ण प्रभाव नहीं माना जाता
🔭 वैज्ञानिक दृष्टिकोण से क्यों है खास?
यह ग्रहण पूर्णिमा के दिन पड़ रहा है, जब चंद्रमा पृथ्वी की छाया से आंशिक रूप से ढक जाएगा। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह एक अच्छा अवसर होगा खगोल प्रेमियों और शोधकर्ताओं के लिए चंद्रमा की सतह और उसकी चमक में अंतर देखने का।
🛑 ग्रहण का ज्योतिषीय प्रभाव
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, यह चंद्र ग्रहण मुख्यतः मीन, कन्या, मिथुन और वृश्चिक राशि के जातकों को विशेष रूप से प्रभावित कर सकता है। इन राशि वालों को मानसिक अशांति, अनावश्यक व्यय या पारिवारिक तनाव का अनुभव हो सकता है।
📿 उपाय के तौर पर चंद्रमा मंत्र “ॐ चंद्राय नमः” का जप करें और ग्रहण के बाद स्नान करें।
🔚 निष्कर्ष
7 सितंबर 2025 का चंद्र ग्रहण एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना है जो भारत में दिखाई देगी। धार्मिक, वैज्ञानिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से यह ग्रहण लोगों के बीच उत्सुकता का विषय बना हुआ है। यदि आप इस दिन जागरूक रहें और उचित सावधानी बरतें, तो आप इस अद्भुत नजारे को न सिर्फ देख पाएंगे बल्कि इससे संबंधित ऊर्जा और प्रभाव को भी समझ पाएंगे।