क्या होता है खप्पर योग?
खप्पर योग वैदिक ज्योतिष का एक अशुभ और उग्र योग है। यह तब बनता है जब मंगल ग्रह सूर्य के नक्षत्र में प्रवेश करता है, या सिंह राशि (सूर्य का घर) में गोचर करता है। जब सूर्य और मंगल जैसे तेज ग्रह एक साथ होते हैं, तो यह योग तनाव, विवाद, दुर्घटनाओं और गलत फैसलों को जन्म दे सकती है।
शिवरात्रि का संयोग और ग्रहों का खेल
सावन की शिवरात्रि भक्ति और आस्था का पावन अवसर है। लेकिन इस बार का सावन सिर्फ पूजा पाठ तक सीमित नहीं है क्योंकि ग्रहों की चाल भी बड़ा असर डाल रही है।
मंगल का सिंह राशि में प्रवेश और साथ ही खप्पर योग का निर्माण, 13 अगस्त 2025 तक सक्रिय रहेगा। यह योग मुख्य रूप से मानसिक तनाव, आर्थिक नुकसान और वैवाहिक जीवन में असंतुलन ला सकता है।
किन राशियों पर होगा असर?
जब सूर्य और मंगल अग्नि तत्व को प्रभावित करते हैं, तो कुछ राशियों को गुस्सा, अहंकार और टकराव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस समय दुर्घटनाओं और पारिवारिक कलह की भी संभावना रहती है।
जो राशियाँ इस योग से प्रभावित होंगी, उन्हें अपने गुस्से, निर्णय और व्यवहार पर नियंत्रण रखना ज़रूरी होगा।
सितंबर में आएगा भद्र राजयोग
जैसे ही सितंबर में बुध ग्रह कन्या राशि में प्रवेश कर लेगा, एक शुभ योग भद्र राजयोग बनेगा। यह योग कुछ राशियों को धनलाभ और सौभाग्य दिला सकता है।
निष्कर्ष: क्या करें इस समय?
पूजा पाठ और शिव आराधना से मन को शांत रखें
विवादों से बचें, शांति बनाए रखें
अपने फैसले सोच समझकर लें
किसी भी बड़े निवेश या निर्णय को ताल दे